छत्तीसगढ़

CG: निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीन बीएलओ निलंबित

Shantanu Roy
14 Nov 2025 10:18 PM IST
CG: निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीन बीएलओ निलंबित
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Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य जारी है। इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने तीन बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मचारियों में अहिल्या पैकरा, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला तरईगांव; ज्योति साहू, सहायक शिक्षक, मिश्री देवी शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय गौरेला; और कुसुमलता नागेश, शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला माझीटोला शामिल हैं। निलंबन के दौरान तीनों का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही निर्धारित किया गया है। निलंबित कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

अलग-अलग जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अहिल्या पैकरा, प्रधान पाठक, प्रा. शाला तरईगांव, जो विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 कोटा-तरईगांव के भाग संख्या 54 की बीएलओ हैं, का कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13(ख)(2) के विपरीत गंभीर कदाचार है। इस आधार पर उन्हें धारा 32 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसी तरह, ज्योति साहू, सहायक शिक्षक, मिश्री देवी शासकीय कन्या उ.मा.वि. गौरेला, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 कोटा-गौरेला के भाग संख्या 23 की बीएलओ, के कृत्य को भी गंभीर कदाचार माना गया। उन्हें भी धारा 32 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर, मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में तैनात किया गया। निलंबन काल में उन्हें भी जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

तीसरी निलंबित कर्मचारी कुसुमलता नागेश, शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला माझीटोला, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 कोटा, बीएलओ भाग संख्या 11, का कार्य भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 13(ख)(2) के तहत गंभीर कदाचार माना गया। उन्हें भी धारा 32 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया और मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में तैनात किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह निलंबन प्रक्रिया निर्वाचक नामावलियों की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान लापरवाही या अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि निलंबित कर्मचारियों के कार्यकाल के दौरान सभी वैधानिक अधिकार और जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारियों को वित्तीय या प्रशासनिक नुकसान न हो। बीएलओ का कार्य निर्वाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होता है।

नामावलियों में त्रुटि या लापरवाही चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में कड़े कदम उठाना और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई करना आवश्यक है। जिला प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निलंबन आदेश से स्पष्ट संदेश गया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी कर्मियों को अपने कार्यों में ईमानदारी और जवाबदेही बनाए रखनी होगी। इस निलंबन के बाद
जिला शिक्षा
अधिकारी कार्यालय ने सभी संबंधित विद्यालयों और विभागों को निर्देश दिए हैं कि निलंबित कर्मचारियों की अनुपस्थिति में कार्यभार का निर्वहन सुचारू रूप से किया जाए। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में यह कदम निर्वाचक नामावलियों के विश्वसनीयता और लोकतंत्र की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि सभी कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए गहन पुनरीक्षण में पूरी ईमानदारी के साथ सहयोग करें। इस कार्रवाई से यह भी संदेश गया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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